अयोध्या में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का संबोधन: राम मंदिर को बताया सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक

Swami Abhishek Brahmachari's address in Ayodhya: Ram Temple is described as a symbol of cultural pride

अयोध्या पहुंचे स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि करीब 550 वर्षों के लंबे संघर्ष, आस्था और बलिदान के बाद अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर साकार हो सका है। उनके अनुसार यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन परंपरा का प्रतीक है।

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति के आदर्श पुरुष हैं, जिन्होंने मर्यादा, सत्य, त्याग और धर्म का मार्ग दिखाया। उन्होंने बताया कि राम के जीवन से समाज को नैतिक मूल्यों और आदर्श जीवन की प्रेरणा मिलती है।

देश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत तेजी से प्रगति की राह पर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में विकास की नई धारा बह रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश सदैव उनका आभारी रहेगा। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है और सांस्कृतिक व आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है।

बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि अब देश में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक स्वार्थ के लिए बाबर के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जो समाज के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति समाज को विभाजित करती है और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।

सनातन धर्म को मानव सभ्यता की मूल धारा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सभी को साथ लेकर चलने की शिक्षा देता है। उनके अनुसार सनातन धर्म सहिष्णुता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध करते हैं, उन्हें समय आने पर जनता स्वयं नकार देती है। भारत की संस्कृति विविधताओं में एकता का संदेश देती है और यही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि देश का विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि हर नागरिक के सहयोग से संभव है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित में श्रमदान और सक्रिय योगदान का आह्वान किया।

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने विश्वास जताया कि आज विश्व भारत की ओर आशा और भरोसे के साथ देख रहा है। अपनी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और आर्थिक प्रगति के बल पर भारत वैश्विक मंच पर तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में रामराज्य की स्थापना की दिशा में कार्य हो रहा है, जहां न्याय, समानता, समृद्धि और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भारत विश्व का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र बनेगा।

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